Mahashivratri हिन्दुओं का एक पावन और बहुत ही खास पर्व है। इस दिन भगवान शिव की आराधना की जाती है तथा शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। शिवरात्रि का पर्व पूरे भारत में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। भारत में ओर भी बहुत से ऐसे पर्व है जो देशभर में बहुत हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाएं जाते हैं। भारत देश अपनी धार्मिक सभ्यताओं के कारण पूरे विश्व में लोकप्रिय है।

Mahashivratri 2020

महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की आराधना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है और इस दिन भगवान शिव की आराधना करना का एक खास महत्व माना जाता है। भगवान शिव को देवों के देव महादेव के कहा जाता है। भगवान शिव, विष्णु तथा ब्रह्मा को त्रिदेव के नाम से जाना जाता है। इस पोस्ट में हम आपको महाशिवरात्रि क्यों मनाई जाती है, महाशिवरात्रि का महत्व और पूजा विधि के बारे में पूरी जानकारी देंगे।

महाशिवरात्रि क्या है - What is Mahashivratri in Hindi

महाशिवरात्रि को 'शिव की रात्रि' के नाम से जाना जाता है। शिवरात्रि के लिए पूरे देश में अलग-अलग मान्यताएं प्रचलित है इस दिन भगवान शिव की आराधना की जाती है। भगवान शिव को देशभर में अलग-अलग नामों भोलेनाथ, महादेव, नीलकंठ इत्यादि कहा जाता है। महाशिवरात्रि का पर्व कृष्णपक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव की महान आराधना की जाती है।

महाशिवरात्रि के दिन देशभर में अनेक जागरण तथा पूजा आरती होती है और इस दिन काफी संख्या में शिव भक्त शिव मंदिरों में भोलेनाथ के दर्शन करने के लिए आते हैं। वैसे तो भगवान शिव की आराधना के लिए सभी दिन अच्छे माने जाते हैं लेकिन सोमवार के दिन को शिवजी का प्रिय दिन माना जाता है। हिन्दू मान्यता के अनुसार माना जाता है कि हर महीने में एक शिवरात्रि आती है।

महाशिवरात्रि क्यों मनाई जाती है?

महाशिवरात्रि के पर्व के साथ बहुत-सी मान्यताएं और कथाएं जुड़ी हुई है। महाशिवरात्रि की सबसे प्रचलित कथा के अनुसार माना जाता है कि शिवरात्रि के दिन भगवान शिव पहली बार विशालकाय अग्निलिंग स्वरूप प्रकट हुए थे और इसी दिन सृष्टि का आरम्भ भी हुआ था।

हिन्दू मान्यता के अनुसार यह भी माना जाता है कि फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी शिवरात्रि के दिन ही भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। साथ ही यह भी मान्यता है कि इस दिन भगवान भोलेनाथ ने इस दिन सृष्टि की रक्षा के लिए समुद्रमंथन से उत्पन्न विष को अपने कंठ में धारण किया था और तभी से महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है।

भगवान शिव को पारंपरिक लोगों की तरह ही आध्यत्मिक लोग भी मानते हैं। महाशिवरात्रि पवित्र त्योहारों में से एक है और इस दिन को भगवान शिव की आराधना करने और शिव को प्रसन्न करने के लिए सबसे सर्वोत्तम दिन माना जाता है। इसलिए हिन्दू धर्म में महाशिवरात्रि का खास महत्व है।

महाशिवरात्रि की पूजा विधि

महाशिवरात्रि के दिन देशभर में अलग-अलग तरह से  भगवान शिव की पूजा की जाती है। इस दिन भगवान शिव के भक्त पवित्र जल या पवित्र नदियों गंगा, यमुना आदि में सूर्योदय के समय स्नान करके स्वच्छ और साफ वस्त्र धारण करते हैं। इस दिन घर व मंदिरों में शिवलिंग का दूध व जल से स्नान कराया जाता है।

शिवलिंग स्नान के बाद भगवान शिव को गाय का दूध, बेलपत्र, भांग, धतूरा आदि अन्य पूजा सामग्री ओम नमः शिवाय मन्त्रोच्चार के जाप के साथ अर्पित की जाती है। साथ ही गाय के घी का दीपक व कर्पूर की जलाकर भगवान शिव की पूजा की जाती है।

Mahashivratri के दिन मंदिरों व घरों में जागरण भी किया जाता है और इस दिन शिव चालीसा के पाठ से भगवान शंकर जी की आराधना व पूजा की जाती है। शिवरात्रि के दिन बहुत से भक्त हरिद्वार से कावड़ लाकर भगवान शिव को मंदिरों में अर्पित करते हैं।

Mahashivratri 2020 हिंदी में

Mahashivratri in 2020 : महाशिवरात्रि पर्व को फाल्गुन कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को मनाया जाता है वैसे हर महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को भी शिवरात्रि माना जाता है।

महाशिवरात्रि की तिथि हर साल बदलती रहती है। 2019 में महाशिवरात्रि का पर्व 4 March को सोमवार के दिन मनाया गया था। इस साल महाशिवरात्रि पर्व 21 फरवरी 2020 को मनाया जाएगा।

शिव की शक्ति से, शिव की भक्ति से;
खुशियों की बहार मिले।
महादेव की कृपा से,
आप सब दोस्तों को जिंदगी में प्यार मिले।
महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं!

आप सभी को SupportMantra की तरफ से Mahashivratri के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं! जय भोलेनाथ।

निष्कर्ष,

आज हमने इस पोस्ट में "महाशिवरात्रि का महत्व व पूजाविधि तथा महाशिवरात्रि क्यों मनाते हैं" के बारे में सीखा। अगर आपका कोई सवाल या सुझाव है तो Comment करके अवश्य बतायें।
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