Computer प्रोग्रामिंग की दुनिया में जब भी कोई प्रोग्रामर किसी प्रोग्राम को बनाने के बारे में सोचता है तो सबसे पहले प्रोग्रामर को प्रोग्राम बनाने के लिए प्रोग्राम का algorithm बनाना होता है जिसकी मदद से program को आसानी से तैयार किया जा सकता है।

Algorithm Kya Hai

एल्गोरिथम बनाने से program को dovelop करना ओर भी आसान हो जाता है और एक अच्छे प्रोग्रामर की यहीं विशेषता होती है कि वह program बनाने से पहले प्रोग्राम के लिए algorithm बनाता है। इस पोस्ट में हम algorithm के बारे में विस्तार से जानेंगे।

Algorithm क्या है? - Algorithm In Hindi

Algorithm निर्देशों का एक सैट होता है, जो किसी भी गतिविधि को संचालित करने के लिए फॉलो किए जाने वाले स्टेप्स का वर्णन करता है। किसी भी समस्या या program बनाने के लिए प्रोग्रामर जिन steps को follow करता है उसे ही हम प्रॉबलम सॉल्व करने का एल्गोरिथम या प्रोसीज्योर (Procedure) कहते है। यदि अल्गोरिथम कम्प्यूटर की प्रोग्रामिंग लैंग्वेज में लिखी गई है को तो इस तरह के निर्देशों को एक प्रोग्राम कहा जाता है।

एक कम्प्यूटर प्रोग्राम को लिखने के काम में कई स्टेजेस से गुज़रना शामिल होता है। इस तरह से प्रोग्रामिंग के लिए प्रोग्राम लिखने से कहीं ज्यादा प्रॉबलम को समझने की आवश्यकता होती है। इसमें अल्गोरिथम लिखना भी शामिल होता है और इसके साथ-साथ सभी प्रकार के एरर्स के लिए प्रोग्राम्स को टेस्ट भी किया जाना चाहिए। Flowchart को बनाने से पहले program के लिए algorithm बनाया जाता है।

उदाहरण से समझने के लिए मान लीजिए कि आपको सुबह अपने दोस्त से मिलने जाना है तो आप इसके लिए आपको कुछ steps को follow करना होगा।

स्टेप 1: सबसे पहले आप सुबह उठेंगे।
स्टेप 2: उठने के बाद फ्रेश होंगे।
स्टेप 3: चाय या नास्ता करेंगे।
स्टेप 4: अब आप अपने friend से मिलने जायेंगे।

इन स्टेप्स को ही हम computer programming में algorithm कहते हैं। अल्गोरिथम के जरिए हम आसानी से किसी भी समस्या को solve करने के साथ program भी आसानी से बना सकते हैं।

एक अच्छे अल्गोरिथम की विशेषता होती है कि उसमें स्पष्ट रूप से समझ आने वाले सभी स्टेप्स शामिल हो।

Algorithm कैसे लिखें (How to Write an Algorithm)

एक एल्गोरिथम को डेवलप करने की प्रक्रिया (किसी खास प्रॉबलम को सॉल्व करने के लिए) एक ट्रायल-एंड-ऐरर प्रक्रिया होती है जिसमें किसी भी प्रोग्रामर को कई सारे प्रयासों की जरूरत पड़ सकती है। प्रोग्रामर्स कुछ शुरूआती प्रयास करते हैं और समाधान तक पहुँचते हैं एवं इसकी जाँच करने के लिए इसका रिव्यु भी करते हैं। जो भी ऐरर्स वो ढूँढते हैं आमतौर पर मौजूद एल्गोरिथम में इन्सर्शन्स, डिलीशन्स, या मॉडिफिकेशन्स की ओर बढ़ते हैं। इसमें पुराने (steps) को हटाकर नया भी शुरू किया जा सकता है‌।

उदाहरण- मान लीजिए हमें किसी यूजर द्वारा enter किए गए दो नंबरों का sum निकलने के लिए एक प्रोग्राम बनाना है तो हमें इसके लिए हमें अपने प्रोग्राम को इन steps को फॉलो करके बनाना होगा।

स्टेप 1: स्टार्ट करें।
स्टेप 2: यूजर से दो नंबर मांगे और उन numbers को दो वैरिएबल में store करें।
स्टेप 3: अब variables में स्टोर value को जोड़कर किसी तीसरे variable sum में स्टोर कर दें।
स्टेप 4: तीसरे variable की value को screen पर print कर दें।
स्टेप 5: लास्ट में प्रोग्राम को बन्द कर दें।

इस तरह से आप इस algorithm की मदद से दो नंबर्स को जोड़ने के लिए program बना सकते हैं। अल्गोरिथम की मदद से program में error को खोजना आसान होता है और जिससे हम प्रोग्राम में बदलाव भी कर सकते हैं।

निष्कर्ष,

पोस्ट में हमने आपको Algorithm क्या है और एल्गोरिथम कैसे बनायें इसके बारे में जानकारी दी है। अगर आपका कोई सवाल है तो comment में पूछ सकते हैं।
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